

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश : बहन की शादी के बीच रिश्तों का खौफनाक अंत! “माथा चूमा… गले लगाया… और पल भर में गर्दन पर हंसिया चला दी” — प्रेम प्रसंग में बाधा बनी जिद, तो प्रेमी ने दुल्हन की चचेरी बहन का गला रेतकर उतारा मौत के घाट, 3 साल के संबंधों का खूनी अध्याय लिखने वाला आरोपी विनय गिरफ्तार, पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला कबूलनामा उजागर
जनपद गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में बहन की शादी के उल्लास और मंगल गीतों के बीच उस समय सनसनी फैल गई, जब शादीशुदा चचेरी बहन शिवानी निषाद की बाथरूम के पास मौजूद खेतानुमा बगीचे में हृदयविदारक और निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी और मृतका के प्रेमी विनय को पुलिस ने त्वरित जांच और साक्ष्य संकलन के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी विनय निषाद, जो मृतका शिवानी निषाद के साथ पिछले 3 वर्षों से अवैध प्रेम संबंधों में लिप्त था, ने पूरी घटना का सिलसिलेवार और रौंगटे खड़े कर देने वाला कबूलनामा माननीय पुलिस अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। आरोपी के बयान के अनुसार, शिवानी निषाद और विनय निषाद के बीच संबंध बीते 3 साल से चले आ रहे थे, लेकिन शिवानी के विवाह के पश्चात भी वह आरोपी को छोड़ने को तैयार नहीं थी। वह लगातार विनय से विवाह करने का दबाव बना रही थी और अपने ससुराल वापस जाने से साफ इंकार कर मायके में ही स्थायी रूप से रहने की बात कह रही थी। आरोपी के मुताबिक, विवाह–रात्रि के बाद वह शिवानी को उसके ही घर ले गया, जहाँ दोनों बाथरूम के पास मौजूद बगीचे में बैठकर बातचीत करने लगे। यह बातचीत करीब 4 घंटे तक निरंतर चली। इसी दौरान शिवानी निषाद ने घोषणा की कि वह अब अपने ससुराल नहीं जाएगी और केवल विनय के साथ विवाह कर नया जीवन शुरू करना चाहती है। विनय के अनुसार, उसने शिवानी को बार–बार समझाया, उसे स्थितियों का हवाला दिया, सामाजिक परिणामों का भय दिखाया और अपने तौर पर रिश्ता समाप्त करने का भरसक प्रयास किया, किंतु शिवानी बार–बार विवाह की जिद पर अड़ी रही। इस जिद और मानसिक संघर्ष के बीच विनय ने एक सोची–समझी आपराधिक मंशा और आवेश के साथ शिवानी का माथा चूमा, उसे गले लगाया और तुरंत वहीं मौजूद तेज धार वाली हंसिया उसकी गर्दन पर चला दी। एक ही वार में शिवानी का गला कट गया और खून की धार धरती पर बह निकली। वार के दौरान मौत से लड़ती शिवानी ने हंसिया को पकड़ने का प्रयास किया, जिससे खींचतान में दोनों की उंगलियाँ कट गईं। आरोपी ने यह भी बताया कि इस दौरान उसकी भी एक उंगली कट गई थी, जबकि शिवानी की तर्जनी उंगली भी गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गई। आरोपी के बयान के अनुसार, हत्याकांड के बाद वह शिवानी को तड़पता छोड़कर भागा नहीं, बल्कि वहीं पर बैठा रहा और उसकी मृत्यु सुनिश्चित होने तक उसकी तड़प और अंतिम सांसों को देखता रहा। यह कथन घटना की नृशंसता और आपराधिक मानसिकता की भयावहता को दर्शाता है। घटना में खून से सने साक्ष्य, उंगलियों के कटे निशान, हंसिया का जब्तीकरण, और प्रारंभिक गवाही–साक्ष्य पुलिस द्वारा संरक्षित कर लिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय गोरखपुर द्वारा इस प्रकरण को गंभीरतम श्रेणी का अपराध मानते हुए त्वरित गिरफ्तारी और वैज्ञानिक–आधारित जांच प्रक्रिया लागू की गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह हत्या केवल आवेश नहीं, बल्कि लगातार दबाव, मानसिक संघर्ष और सामाजिक भय के बीच जन्मी आपराधिक परिणति का परिणाम थी, जिसमें आरोपी द्वारा मृतका को रिश्ते का भ्रम देकर अंतिम क्षण में ममता का दिखावा कर हत्या जैसा अमानवीय कदम उठाया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने यह भी आश्वस्त किया कि इस मामले में सभी विधिक धाराओं में कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी तथा दोष सिद्ध होने पर आरोपी को सख्त दंड दिलाया जाएगा। इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल समाज और प्रणाली के सामने रखा है कि रिश्तों की आड़ में पनपने वाला अपराध किस हद तक भयावह हो सकता है। पुलिस द्वारा अब तक की विवेचना में हत्या, साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, और जन–सुरक्षा पर हमला जैसी धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जनपद स्तर पर यह प्रकरण भय, आक्रोश और संवेदना का संगम बन गया है। मृतका के परिजनों में शोक और आक्रोश की लहर है, वहीं प्रशासन द्वारा सुरक्षा और न्याय की प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाने का दावा किया गया है। यह घटना चेतावनी है कि प्रेम और रिश्तों का मुखौटा, अगर अपराध की मंशा से ओढ़ा जाए, तो परिणाम कितना विनाशकारी और रक्तरंजित हो सकता है, यह आज गोरखपुर के इस दर्दनाक केस ने साबित कर दिया है।
रिपोर्ट : अलिक सिंह
संपादक – Vande Bharat Live TV News।
संपर्क : 8217554083









